बढ़ रहा म्यूजिकल बाथ का चलन
मंगलवार, 17 दिसंबर 2013 Varanasi Updated @ 5:44 AM IST
वाराणसी। गमछा पहन कर गंगा में छलांग लगाने, घाट पर मसाज कराने, बालू पर लेट कर धूप सेंकने की अपनी अलग मौज है लेकिन बदलते दौर के साथ अब इन सबके लिए न पहले सी सहूलियतें हैं न ही लोगों के पास उतना समय है। अब आधुनिक उपकरणाें के जरिये कुछ ऐसे ही सुख और सुकून बाथरूम में ही जुटाने की ललक बढ़ी है। नए जमाने में रहन-सहन का तरीका बदल रहा तो बाथरूम की संस्कृति में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। वाराणसी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल भर में में म्यूजिकल बाथ जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त बाथरूम की मांग तेजी से बढ़ रही है।
पूर्वांचल के गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ और वाराणसी जिलों के अमीरों में सुबह सुकून भरे स्नान की ललक बढ़ी है। बाथरूम में लोग तरह-तरह के इलेक्ट्रानिक गैजेट्स लगवा रहे हैं। संगीतमय फव्वारा, आरामदायक बाथ टब और मसाज आदि की सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। म्यूजिकल बाथ उपकरण की कीमत 60 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक है। दुकानदार बताते हैं कि 60 हजार रुपये में एफएम रेडियो युक्त शॉवर पैनल लगाए जा सकते हैं। म्यूजिकल बाथ टब, म्यूजिकल फव्वारा, शॉवर की कीमतें इससे भी ज्यादा हैं। शौकीनों के लिए कीमतें कोई मायने नहीं रखती हैं।
 
हाउस ऑफ जानसन शोरूम के रामेश्वर सिंह ने बताया कि म्यूजिक की तीव्रता के साथ ही फव्वारे से निकलने वाले पानी की धार भी तेज होती जाती है। खासतौर से ऐसी सुविधाओं से युक्त बाथरूम बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा कुछ लोग बाथरूम में ग्लास इनक्लोजर भी लगवा रहे हैं। इस तरह के बाथरूम में मसाज तक की व्यवस्था रहती है। वैसे उनका कहना है कि अधिकतर लोग एफएम रेडियो शॉवर पैनल की डिमांड करते हैं। उधर, बिल्डरोें का कहना है कि सर्व सुविधायुक्त फ्लैट्स की खरीदारी में भी लोग रुचि दिखाने लगे हैं। शहर में एक करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले फ्लैट्स भी बिक रहे हैं तो खरीदार की यह भी उम्मीद होती है कि उसका बाथरूम बेहतर हो।
इनसेट
कैसे काम करता है एफएम रेडियो
शावर पैनल में एफएम रेडियो लगा होता है। पूरा पैनल रिमोट कंट्रोल से चलता है। जैसे जैसे म्यूजिक की तीव्रता बढ़ने के साथ पानी की धार भी तेज हो जाती है। वहीं बाथ टब में गाने के साथ ही पानी की धार इस तरह निकलती है, जैसे लगता है कि कोई शरीर का मसाज कर रहा है।

 साभार अमरउजाला