पानी के बोतल से प्रोटेस्ट
कैंसर का खतरा
न्यूयार्क, एजेंसी
हाल ही में एक चौंकाने वाली
बात सामने आई है कि वॉटर बॉटल कितनी भी अच्छी गुणवत्ता वाला क्यों न हो, उसमें रखा पानी जानलेवा हो सकता है।
एक अध्ययन में पता चला है कि वाटर बॉटल बनाने में जो प्लास्टिक
प्रयोग किया जाता है, उससे प्रोटेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
शिकागो के इल्लिनोइस विश्वविद्यालय में शरीर विज्ञान के
प्रोफेसर गेल प्रिंस ने कहा, ''बिस्फेनॉल ए या बीपीए
कहा जाने वाला रसायन नर्म और मुलायम प्लास्टिक के निर्माण में प्रयोग किया जाता
है। इस रसायन को पूरी तरह निष्प्रभाव करना लगभग असंभव है।''
सबसे चिंताजनक बात यह है कि गर्भाशय में पल रहे भ्रूण के लिए
बीपीए से संपर्क जोखिमभरा हो सकता है।
पूर्व में किए गए अध्ययनों में यह बात सामने आई थी कि जिन लोगों
ने प्लास्टिक या बीपीए वाली सामग्रियों के इस्तेमाल से एक महीने या उससे अधिक समय
तक पूरी तरह परहेज किया उनके शरीर में भी बीपीए की मात्रा पाई गई।
प्रिंस ने कहा, '' इसका सीधा से मतलब था
कि वो लोग पिछले 24 से 48 घंटे के
दौरान जरूर बीपीए के संपर्क में आए होंगे, जिसे नजरअंदाज
करना कठिन रहा होगा।''
अध्ययन के परिणाम को देखते
हुए यह यह बात सामने आई कि मानवीय उत्तकों में बीपीए के हानिकारक प्रभाव का पता
चलना बेहद महत्वपूर्ण और प्रसांगिक है।
साभार हिंदुस्तान